दिल्ली में राहुल गांधी और बृजमोहन अग्रवाल की मुलाकात से सियासी हलचल; भाजपा-कांग्रेस में वार-पलटवार
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच जुबानी जंग अब व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुँच गई है। हाल ही में भूपेश बघेल ने विजय शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्हें 'छोटा रिचार्ज' करार दिया, जिस पर गृहमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।Puja Sahu
रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस वक्त सरगर्मी बढ़ गई जब दिल्ली में भाजपा के दिग्गज नेता और सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुलाकात कांग्रेस नेता राहुल गांधी से हुई। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
भूपेश बघेल ने कसा तंज
इस मुलाकात की खबर आते ही प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुटकी लेने में देर नहीं की। उन्होंने इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए इसे राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है। बघेल के बयान के बाद प्रदेश की सियासत में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।
'छोटा रिचार्ज' तंज पर विजय शर्मा का तीखा पलटवार
भूपेश बघेल की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बघेल अपनी राजनीतिक मर्यादा खो चुके हैं। उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि भूपेश बघेल की जुबान बार-बार फिसलती है, अब यह देखना दुखद है कि उनकी बातों का स्तर कितना गिर चुका है। एक वरिष्ठ नेता से इस तरह की हल्की बयानबाजी की उम्मीद नहीं की जाती। उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को 'छोटे रिचार्ज' जैसे शब्दों के बजाय प्रदेश के विकास और अच्छे विषयों पर चर्चा करनी चाहिए।
बृजमोहन अग्रवाल ने दी सफाई
मुलाकात को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यक्तिगत या गुप्त मुलाकात नहीं थी। उन्होंने बताया कि जिस समय राहुल गांधी से भेंट हुई, वहां भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय सहस्त्रबुद्धे भी मौजूद थे। अग्रवाल के अनुसार, वह वहां विनय सहस्त्रबुद्धे से चर्चा कर रहे थे और उसी दौरान यह शिष्टाचार भेंट हुई।
क्यों बढ़ा विवाद?
राजनीतिक गलियारों में इस बयान को बघेल की हताशा के रूप में देखा जा रहा है, वहीं कांग्रेस समर्थकों का मानना है कि यह केवल एक राजनीतिक कटाक्ष था। हालांकि, भाजपा ने इसे प्रदेश के गृहमंत्री का अपमान बताया है। विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि वे इस तरह की बयानबाजी से विचलित होने वाले नहीं हैं और उनका ध्यान केवल कानून-व्यवस्था और जनहित के कार्यों पर है।
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